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Grow outward, Grow inward

Samvedna Nu Sukh (Gujarati Translation of Emotional Wellness) By Osho

સંવેદનાનું સુખ ( Emotional Wellness નો ગુજરાતી અનુવાદ)

ઓશો

આ પુસ્તકમાં ઓશો કહે છે કે લાગણી શબ્દનો અંગ્રેજી શબ્દ છે "Emotion" જેમાં "Motion" શબ્દ સમાયેલો છે જેનો અર્થ થાય છે ગતિમાન અને જે ગતિમાન છે તે જ લાગણીઓ છે જે સ્થિર નથી જે સતત બદલાય છે. વ્યક્તિ કોઈ ક્ષણે પ્રેમમાં હોય છે તો કોઈ ક્ષણોમાં નફરતમાં, કોઈ ક્ષણોમાં ઉદાસ હોય છે તો કોઈ ક્ષણોમાં પ્રફ્ફુલતામાં ! માનવીએ લાગણીઓને જોવાની જરૂર છે અને તેને સર્જ્નાત્મકતામાં બદલવાની જરૂર છે અને તેના માટેના પ્રયોગો ઓશોએ પ્રસ્તુત પુસ્તકમાં દર્શાવેલ છે



સિદ્ધ રુદ્રાક્ષના સરળ પ્રયોગો - ડો.નલિન પંડ્યા

Siddha Rudrakshna Saral Prayogo by Dr.Nalin Pandya

સામાન્ય અને સરળ રીતે પ્રાપ્ત થતા આ રુદ્રાક્ષ સુખ, શાંતિ અને સમૃદ્ધિના દ્વાર ખોલી નાખે છે. રુદ્રાક્ષની પારખવાની રીત ધારણ કરવાની વિધિ વિધાન અને કયારે કોને માટે કોણે ધારણ કરવું એ જાણ્યા પછી જ રુદ્રાક્ષનો જે તે વિષય માટે ઉપયોગ કરવો જરૂરી ચિ અને તે વિષે આ પુસ્તકમાં લેખકશ્રીએ પોતાના વરસોનાં અનુભવી નિચોડ આપેલ છે.



Lakshya Prapti Ke Funde by N.Raghuraman

जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करना, फिर उन्हें पाने के लिए अथक परिश्रम करना सबसे जरूरी है। बिना लक्ष्य तय किए कोई भी काम किया जाए, उसकी सफलता में संदेह हमेशा बना रहता है। इसलिए लक्ष्य तय करें और फिर प्राणपण से उनकों सिद्ध करने के लिए अपनी सारी क्षमता और ताकत लगा दें। लक्ष्य-निर्धारण और लक्ष्य-प्राप्‍त‌ि के बीच के सफर को ठीक तरह से तय करने का मार्ग प्रशस्त करनेवाले प्रैक्‍ट‌िकल फंडों का संकलन है यह पुस्तक।



Mushkil Daur Mein Aage Badhne Ke 7 Rahasya (Hindi Translation of Turn Setbacks Into Greenbacks) by Willie Jolley

मुश्किल दौर में आगे बढ़ने के 7 रहस्य - विली जॉली

मुश्किल समय में अवसर उत्पन्न होते हैं I
क्या आप उनका लाभ लेने के लिए तैयार हैं ?

विली जॉली आपको सफलता की राह पर आगे बढ़ने के गुर बता रहे हैं, ताकि आपको अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन करने की शक्ति मिले I इससे न केवल आपके काम करने की शैली बदलेगी, बल्कि आपके सोचने का तरीक़ा भी बदल जाएगा I सकारात्मक प्रोत्साहन और प्रेरणा से भरे विली जॉली ऐसा एक उपाय बताते हैं, जिनसे आप कठिन समय में विजय प सकते हैं,आ पने संकटों को नए अवसरों के रूप में देख सकते हैं और अपने विचारों में विश्वास रख सकते हैं I
इस पुस्तक में जो मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण, व्यवसायिक जानकारी और तकनीकें बताई गई हैं, उनका प्रयोग आप हर दिन कर सकते हैं I जॉली आपको बताते हैं कि :लगन, इच्छा और दृढ निश्चय आपको मुश्किल समय में किस प्रकार शक्ति प्रदान करते हैं सफलता पर ध्यान केंद्रित करें और इसके प्राप्त होने तक जुटे रहें संकट की स्थिति में शांति बनाए रखें, और उन अवसरों का ध्यान रखें जिन्हें दूसरे गुज़र जाने देते हैं नकारात्मकता को त्याग दें, ताकि आप ऐसे निर्णय ले सकीं जो सफलता की राह में आपको लाभ पहुँचाएँ "कृतज्ञता का नजरिया" बनाए रखें, जो आपके आध्यात्मिक, शारीरिक और आर्थिक विकास को सुदृढ़ करेगा.

लेखक वास्तविक जीवन से जुड़ी सफलता की प्रेरक कहानियों के माध्यम से आपको दिखाते हैं कि सकारात्मक नज़रिया कैसे बनाएँ, परिस्तिथियों के अनुरूप कैसे ढालें और उन अवसरों का उपयोग कैसे करें, जो आपको बड़ी सफलता की ओर ले जाते हैं I

विली जॉली अंतरराष्ट्रीय बेस्टसेलिंग लेखक होने के साथ ही विली जॉली वर्ल्डवाइड के सी.ई.ओ., पुरस्कार-विजेता वक्ता, मीडिया हस्ती ओर स्तम्भकार भी हैं I वे विभिन्न देशों की कंपनियों, व्यापारिक संस्थाओं, सम्मेलनों आदि में व्याख्यान देते हैं, जिनमें से कुछ हैं वाल-मार्ट, जी. एम., कॉमकास्ट, वेराइज़न और मैरियट I

वे कई अंतरराष्ट्रीय बेस्टसेलिंग पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें अ सेटबैक इज़ अ सेटअप फ़ॉर अ कमबैक और आईटी ओनली टेक्स अ मिनट टू चेंज यॉर लाइफ शामिल हैं, जिनका विश्व की कई भाषाओँ में अनुवाद हो चूका है I इन दोनों ही पुस्तकों के हिन्दी अनुवाद मंजुल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किए जा चुके हैं I



Health Insurance Kyon Aur Kaise by Gyansundaram Krishnamurthy

आज अधिकांश लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत और जागरूक हैं, इसलिए अपना हैल्थ इंश्योरेंस तथा लाइफ इंश्योरेंस करवाते हैं। ये बीमा लेने के लिए सीमित व्यक्‍ति को बीमा कंपनी के साथ एक करार करना होता है, जो लंबा-चौड़ा होता है और बीमित व्यक्‍ति उसकी शर्तों से पूरी तरह परिचित नहीं हो पाता। इसलिए बहुत से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसीधारक बीमार पड़ने या अस्पताल में भरती होने पर अपनी पॉलिसी से लाभ उठाने में असफल रहते हैं। इसके अनेक कारण हैं, जैसे—बहुत सी बीमारियों का शामिल न किया जाना, शर्तों का थोपा जाना, कुप्रशासन, प्रशासकों या बीमा कंपनियों का तानाशाही रवैया या गैर-सहानुभूतिपूर्ण दृष्‍टिकोण। शिकायत-निष्पादन व्यवस्था ही ऐसे पॉलिसीधारकों की एकमात्र उम्मीद रह जाती है, जिसका प्रावधान शासकीय एवं निजी बीमा कंपनियों द्वारा रखा गया है—अर्द्ध-न्यायिक एवं न्यायिक फोरम के रूप में।

इस पुस्तक का उद‍्देश्‍य स्वास्थ्य बीमा पॉलिसीधारकों का पथ-प्रदर्शन करना, उन्हें इस व्यवस्था की जटिलताओं को समझने में मदद करना (विशेषकर समय-समय पर अदालतों द्वारा दिए गए निर्णयों के संदर्भ में) और बीमाकर्ता के विरुद्ध उनके दावों की प्रक्रिया में मदद करना है। हैल्थ इंश्योरेंस के सभी पक्षों से परिचित कराती प्रैक्टिकल हैंडबुक।

ज्ञानसुंदरम कृष्णमूर्ति तमिल साहित्य में स्नातकोत्तर हैं। सन् 1962 में भारतीय जीवन बीमा निगम में कनिष्‍ठ अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएँ प्रारंभ; सन् 2000 में सेवानिवृत्ति से पूर्व तीन वर्षों तक इसके अध्यक्ष रहे। अपने अध्यक्षीय काल भारतीय साधारण बीमा निगम, यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया, नेशनल हाउसिंग बैंक और आई.सी.आई.सी.आई. के बोर्ड में जीवन बीमा निगम का प्रतिनिधित्व किया।

श्री कृष्णमूर्ति की नियुक्‍त‌ि तीन वर्षों के लिए मुंबई और गोवा के बीमा लोकपाल के रूप में हुई। बीमा कंपनियों और दावाकर्ताओं के बीच उपजे सैकड़ों बीमा विवादों में उन्हें सलाहकार, मध्यस्थ एवं न्याय-निर्णायक के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। जीवन बीमा निगम में एक अधिकारी और बीमा लोकपाल के रूप में उन्हें जो अनुभव व अंतर्दृष्‍ट‌ि प्राप्‍त हुई, उसने उन्हें इस पुस्तक में पॉलिसीधारकों के ऊपर विपरीत प्रभाव डालनेवाले कई विषयों को पहचानने के लिए प्रेरित किया और जीवन बीमा पॉलिसीधारकों के ध्यान देने के लिए वे इन्हें आगे भी लाए।

इस पुस्तक में उन्होंने जीवन बीमा पॉलिसीधारकों के अधिकार एवं दायित्व तथा बीमा के कानूनी पहलुओं को भी स्पष्‍ट किया है।



Shaheed E Vatan Ashfaq Ullah Khan (Hindi Biography) By M I Rajasvi

अशफाक उल्ला खाँ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। राम प्रसाद बिस्मिल की भाँति अशफाक उल्ला खाँ भी उर्दू भाषा के बेहतरीन शायर थे। उनका उर्दू तखल्लुस ‘हसरत’ था। उर्दू के अतिरिक्‍त वे हिंदी व अंग्रेजी में लेख एवं कविताएँ लिखा करते थे। उनका पूरा नाम अशफाक उल्ला खाँ वारसी हसरत था।

अशफाक का जन्म उत्तर प्रदेश के शहीदगढ़ शाहजहाँपुर में रेलवे स्टेशन के पास कदनखैल जलालनगर मुहल्ले में 22 अक्‍तूबर, 1900 को हुआ था। उनके वालिद का नाम मोहम्मद शफीक उल्ला खाँ था। उनकी वालिदा मजहूरुन्निशा बेगम खूबसूरत खबातीनों में गिनी जाती थीं। अशफाक अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। सब उन्हें प्यार से ‘अच्छू’ कहते थे।

बंगाल में शचींद्रनाथ सान्याल व योगेश चंद्र चटर्जी जैसे दो प्रमुख व्यक्‍तियों के गिरफ्तार हो जाने पर हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन का पूरा दोरोमदार बिस्मिल के कंधों पर आ गया। इसमें शाहजहाँपुर से प्रेमकृष्ण खन्ना, ठाकुर रोशन सिंह के अतिरिक्‍त अशफाक उल्ला खाँ का योगदान सराहनीय रहा। काकोरी ट्रेन डकैती में उनकी उल्लेखनीय भूमिका रही।

26 सितंबर, 1925 की रात जब पूरे देश में एक साथ गिरफ्तारियाँ हुईं अशफाक पुलिस की आँखों में धूल झोंककर फरार हो गए। उन्हें पुलिस बहुत बाद में गिरफ्तार कर पाई थी। 13 जुलाई, 1927 को उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई।



The Great Salesman (Hindi) by Sandeep Gajjar

आज की दुनिया खरीदारों की दुनिया है—बस, कमी है तो अच्छे सेल्समैनों की। अगर आप अपने कस्टमर का खयाल नहीं रखते तो आपका प्रतिद्वंद्वी रखेगा और वह आपसे आगे निकल जाएगा। फिर आप नंबर वन सेल्समैन बनने की दौड़ में पिछड़ जाएँगे।

आप जब कस्टमर के सभी प्रश्‍नों के सटीक उत्तर देंगे, तभी वे संतुष्‍ट होंगे और आपसे सामान खरीदेंगे। अगर आप दो बार ‘नो थैंक्स’ कहने के बावजूद कस्टमर के पीछे पडे़ रहते हैं तो फिर वे भविष्य में कभी मुड़कर आपके पास नहीं आते। वहीं आप सहज और सरल भाव से मुसकराकर उन्हें विदा करते हैं तो जरूरत पड़ने पर वे अवश्य आपके पास आएँगे या आपको कॉल करेंगे।

यह एक कड़वी सच्चाई है कि सेल्समैन को ‘हाँ’ से ज्यादा ‘ना’ सुननी पड़ती है। यह याद रखें कि ‘ना’ या ‘नो’ शब्द सेल्स से गहराई से जुड़ा हुआ है। जो जितनी ज्यादा ‘नो’ सुनने की हिम्मत रखता है, वह उतनी ही शिद्दत से सेल्स करता है। यह पुस्तक आपको अच्छे सेल्समैन से सर्वोत्तम सेल्समैन बनाएगी। यह सिखाएगी कि एक सेल्स टीम का नेतृत्व करने का बेहतर तरीका क्या है? अपने प्रतिद्वंद्वी से स्पर्धा करते हुए अपनी बिक्री और मुनाफा कैसे बढ़ाएँ? गलत फैसलों से कैसे बचें और अच्छे फैसले कैसे लें?

मार्केटिंग और सेल्स के बहुप्रशंसित गुरु संदीप गज्जर के गहन अनुभव का सार है यह बेस्टसेलर पुस्तक।

http://www.booksforyou.co.in/Books/The-Great-Salesman



એક પંથ ને દો કાજ - રશ્મિ બંસલ

ભાવાનુવાદ: સોનલ મોદી

બેસ્ટસેલર્સ " ખભે કોથળો ને દેશ મોકલો" "શૂન્યમાંથી સર્જન" "સપનાના સોદાગરો" અને "મેઘધનુષી માનુનીઓ" "ધરતીનો છેડો ઘર" ની કલમનું નવું નજરાણું

કોલેજના ભણતર અને ઉદ્યોગ સાહસિકતાના ગણતરનો સુભગ સમન્વય સાધનાર દસ લબરમૂછિયા યુવાનોની અત્યંત પ્રેરણાત્મક કહાણીઓ
'એક પંથ ને દો કાજ' (Arise Awake) એટલે વિદ્યાર્થીકાળમાં જ ધંધાનું સાહસ ખેડનાર દસ યુવાનોની ગાથા ગ્રેજ્યુએશન પહેલા કે પછી નોકરી મેળવવાની દોટ કાઢ્યા વગર પોતાના સ્વપ્ના સાકાર કરવા મંડી પાડનાર વિરલાઓની અત્યંત પ્રેરણાત્મક કહાણીઓ
આ પુસ્તક હાથમાં લેતા જ તમને સમજાઈ જશે કે ધંધાને ઉંમર કે ભણતર સાથે ખાસ લેવાદેવા નથી. એને માટે જોઈએ ધગશ, ભારોભાર હિમંત, એક નવો આઈડિયા અને ઇન્ટરનેટ તમારી હોસ્ટેલ નો રૂમ પણ તમારી ઓફિસ બની શકે.
તમે પણ 'સ્ટાર્ટ અપ' ક્ષેત્રે પગરણ માંડવા ઈચ્છો ? તો જરૂર આ પુસ્તક તમારા માટે જ છે.



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