Atal Bihari Vajpayee ki Chuni Hui Kavitaye

कवि-हृदय राजनेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी संवेदनशील मन के ओजस्वी रचनाकार हैं। राजनीति में सक्रिय रहते हुए भी उनके संवेदनशील और हृदयस्पर्शी भाव कविताओं के रूप में प्रकट होते रहे। उनकी कविताओं ने अपनी विशिष्‍ट पहचान बनाई और पाठकों द्वारा सराही गईं। उनकी कविताओं में स्वाभिमान, देशानुराग, त्याग, बलिदान, अन्याय के प्रति विद्रोह, आस्‍था एवं समर्पण का भाव है।

प्रस्तुत काव्य संकलन में संकलित कविताएँ इस मायने में वशिष्‍ट हैं कि ये स्वयं अटलजीद्वारा चयनित हैं। इनका एक अन्य आकर्षक और ‌व‌िशिष्‍‍ट पक्ष है इनका प्रस्तुतिकरण। ये कविताएँ सुंदर और कलात्मक हस्तलिपि में तथा ललित-सुंदर भाव-चित्रों से आकंठ सज्जित हैं। कविताओं में ‌स्‍थ‌ित समस्त भाव अपने चित्रित में इस कलात्मकता एवं कुशलता से रचित हैं कि चित्रों को देखकर ही कविताओं का भाव सहज दृष्‍ट‌िगत हो जाता है।

भारतीय राजनीति के खिर पुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ओजस्वी कवि और प्रखर वक्‍ता हैं। उनका जन्म 25 दिसंबर, 1924 को ग्वालियर, म.प्र. में हुआ। उन्होंने राजनीति-शास्‍त्र से एम.ए. तक की शिक्षा प्राप्‍त की तथा एक पत्रकारर के रूप में अपना जीवन शुरू किया। पिछले 55 वर्षों के लंबे कालखंड में उन्होंने भारतीय राजनीति में जो गरिमापूर्ण योगदान दिया वह एक आदर्श रहा है। राष्‍ट्र के प्रति उनकी समर्पित सेवाओं के लिए सन‍् 1992 में राष्‍ट्रपति ने उन्हें ‘पद‍्म विभूषण’ से विभू‌‌ष‌ित किया। 1993 में कानपुर विश्‍वविद्यालय ने उन्हें फिलॉसफी में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। 1994 में ‘लोकमान्य तिलक पुरस्कार’ दिया गया। 1994 में ‘लोकमान्य तिलक पुरस्कार’ दिया गया। 1994 में में ‘सर्वश्रेष्‍ठ सांसद’ चुना गया और ‘गोविंद बल्लभ पंत पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया।

भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ओजस्वी कवि और प्रखर वक्‍‍ता हैं। उनका जन्म 25 दिसंबर, 1924 को ग्वालियर, म.प्र. में हुआ। उन्होंने राजनीति-शास्‍त्र से एम.ए. तक की शिक्षा प्राप्‍त की तथा एक पत्रकार के रपू में अपना जीवन शुरू किया। पिछले 55 वपर्षों के लंबे कालखंड में उन्‍होंने भारतीय राजनीति में जो गरिमापूर्ण योगदान दिया वह एक आदर्श रहा है। राष्‍ट्र के प्रति उनकी समर्पित सेवाओं के लिए सन‍् 1992 में राष्‍ट्रप‌ित ने उन्हें ‘पद‍्म विभूषण’ से विभूषित किया। 1993 में कानपुर विश्‍वविद्यालय ने उन्हें फिलॉसफी में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। 1994 में ‘लोकमान्य ‌तिलक पुरस्कार’ दिया गया। 1994 में ‘सर्वश्रेष्‍ठ सांसद’ चुना गया और ‘गो‌व‌िंद बल्लभ पंत पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया।

अटलजी को ‘कैदी कविराय की कुंडलियाँ’, ‘न्यू डाइमेंशंस ऑफ एशियन फॉरेन पॉलिसी’, ‘मृत्यु या ’हत्या‘, ‘जनसंघ और मुसलमान’, ‘मेरी इक्‍यावन कविताएँ’, ‘मेरी संसदीय यात्रा’ (चार खंड), ‘संकल्प-काल’ एवं ‘गठबंधन की राजनीति’ जैसी पुस्तकें ‌ल‌िखने का श्रेय प्राप्‍त है।