Parinay Nirnay Vipul Vaivahik Sukh Ka Adhar Upyuk Parihar By Mrudula Trivedi

परिणय निर्णय विपुल वैवाहिक सुख का आधार उपयुक्त परिहार - मृदुला त्रिवेदी

कृति को विभिन्न वैवाहिक विसंगतियों के आधार पर अग्रांकित पांच अध्यायों मे व्याख्यायित विभाजित किया गया है :


1 परिहार परिज्ञान एवं मंत्र आराधना;

2 वैवाहिक विच्छेद एवं वैधवय से रक्षार्थ मंत्र उपासना;

3 वैवाहिक विसंगतियों के समाधान हेतु विविध स्त्रोत;

4 मंगली दोष के अमंगलकारी परिणाम हेतु परिहार विधान, तथा

5 व्रत का अनुसरण : वैवाहिक विसंगतियों का शमन।