मीना कुमारी की शायरी

दिल में फिर दर्द उठा
फिर कोई भूली हुई याद
छेड़ती आई पुरानी बात
दिल को डंसने लगी गुज़री हुई जालीम रात
दिल में फिर दर्द उठा
फिर कोई भूली हुई याद बन के नश्तर
रंगे अहसास में उतरी ऐसे
मौत ने ले के मेरा नाम पुकारा जैसे

फ़िल्म जगत में मीनाकुमारी ने एक सफल अभिनेत्री के रूप में कई दशकों तक अपार लोकप्रियता प्राप्त की, लेकिन वह केवल उच्चकोटि की अभिनेत्री ही नहीं एक अच्छी शायर भी थीं। अपने दर्द, ख़्वाबों की तस्वीरों और ग़म के रिश्तों को उन्होंने जो जज़्बाती शक्ल अपनी शायरी में दी, वह बहुत कम लोगों को मालूम है।

उनकी वसीयत के मुताबिक प्रसिद्ध फ़िल्मकार और लेखक गुलज़ार को मीनाकुमारी की २५ निजी डायरियां प्राप्त हुईं। उन्हीं में लिखी नज़्मों, ग़ज़लों और शे’रों के आधार पर गुलज़ार ने मीनाकुमारी की शायरी का यह एकमात्र