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Grow outward, Grow inward

Achcha Insan Safal Vijeta Kaise Bane by Shashikant Sadaiv

 

क्या है सफलता, क्यों नहीं होता हर कोई सफल?
क्या फर्क है विजेता और सफल विजेता में?
क्यों अक्कछा और नेक इंसान सफल विजेता नहीं बन पाताï?
क्यों और कैसे सफल हो जाते हैं चतुर लोगï?
तेज और मतलबी लोगों के बीच कैसे पाएं सफलता?
हर बार की हार को कैसे बनाएं सफलता की सीढ़ी?
कैसे निकलवाएं अपने प्रतियोगियों एवं शत्रुओं से अपना काम?
नेक बने रहकर कैसे पाएं सफलता?
मेहनत और नेकी करने के बाद भी क्यों हाथ लगती है हार?
कैसे जगाएं सफल होने के लिए आत्मविश्वास?
सफलता भाग्य से मिलती है या कर्म से?
सफल विजेता बनने के लिए क्या करें, क्या नहीं?



Sirdard aur Maigrane Se Mukti By Shashikant Sadaiv

सिरदर्द और माइग्रेन से मुक्ति - शशिकांत सदैव


सिरदर्द घर-घर में होने वाला एक आम रोग है। इसे आम समझने के कारण हम इसे गंभीरता से नहीं लेते है और जब यह बिगड़कर माइग्रेन का जटिल रूप ले लेता है,तो हमारा जीना मुश्किल कर देता है।सिरदर्द क्या है? यह क्यों होता है? क्या है इसके छोटे-छोटे कारण व लक्षण? इसे बिना दवा के प्राकृतिक ढंग जैसे-योग,ध्यान,मुद्रा विज्ञान,आयुर्वेद,घरेलु नुस्खे,व्यायाम,रंग,संगीत,आत्मसम्मोहन,एक्यूप्रेशर एवं सुगंध चिकित्सा आदि के माध्यम से कैसे ठीक किया जा सकता है,सब कुछ इस पुस्तक में उपलब्ध है ।



Management Ke Mool Mantra by Shashikant Sadaiv

मैनेजमेंट के मूल मंत्र

आज की दौड़ती भागती ज़िन्दगी में आदमी उलझकर रह गया है, वह बहुत कुछ करना चाहता है पर कुछ भी नहीं कर पा पाता। तमाम संभावनाएं, टेक्नोलॉजी, हुनर और डिग्रियों उपलब्ध होने के बाद भी वह कार्य एवं जिम्मेदारियों के बीच अपने को असफल ही पता है। ऐसा नहीं की उसके पास साधन नहीं है या वक्त नहीं है सब कुछ है बस वह प्रबंधित एवं व्यवस्थित नहीं है। शशिकांत 'सदैव' की यह पुस्तक 'मैनेजमेंट के मूल मंत्र ' इसी समस्या को ध्यान में रखकर लिखी गई किताब है जो की प्रबंधन के ज़रिये हमें न केवल व्यावसायिक तौर पर सफल बनाने में हमारी मदद करती है बल्कि हमें व्यवहारिक एवं व्यक्तिविक तौर पर भी हमें ऊपर उठती है।

सच तो यह है व्यक्तित्व निखार और सफलता का आधार है मैनेजमेंट। मैनेजमेंट किसका, कैसे ,कब और कितना किया जाए ये जानना जरूरी है , जिसे यह पुस्तक विस्तारपूर्वक कई उदाहरणों के साथ समझाती है। इतना ही नहीं जहाँ एक ओर यह पुस्तक टाइम, डे, वर्क, गोल, कॅरिअर एवं स्ट्रेस आदि जैसे व्यावहारिक विषयों को मैनेज करना सिखाती है वही दूसरी ओर लाइफ, एनर्जी, मूड, विज़न , सेल्फ , एंगर, लोनलिनेस तथा लव और रिलेशनशिप सूक्ष्म एवं गूढ़ विषयों को भी मैनेज करना सिखाती है। कह सकते हैं कि भौतिक एवं आध्यात्मिक सफलता कर मनुष्य के सच्चे विकास में सहायक साबित हो सकती है यह पुस्तक।



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