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Udhyam Aur Unnati by Mrudula Trivedi



मंत्र एवं समाधान

Ajivika Ke Vividh Ayam Mantra Evam Samadhan by Mrudula Trivedi



Mantra Manthan by Mrudula Trivedi

मंत्र साधना द्वारा कामनाओ की पूर्ति एवं समस्याओ के समाधान के समाधान पर आधारित



Vyavasayika by Mrudula Trivedi



परिणय निर्णय वैवाहिक विसंगतियों ज्योतिषीय संदर्भ - मृदुला त्रिवेदी & टी.पि.त्रिवेदी

कृति को अग्रांकित पाँच अध्यायों में विभाजित व्याख्यायित कीया गया है -

1. विवाह विच्छेद: काल परिज्ञान;
2. वैधव्य का करुण कन्दन:ग्रहो का स्पन्दन;
3. व्रत विधान : वैवाहिक विघटन. वैधव्य एव विच्छेद का सुगंध समाधान;
4. पारवती मंगल स्त्रोत, तथा
5. वांछा कल्पलता स्त्रोत।



Yog Parijat Anupam Yog By Mrudula Trivedi

योग पारिजात - मृदुला त्रिवेदी

योग पारिजात में समस्त प्रसिद्ध,प्रतिष्ठित,प्रशंसित,प्राचीन ज्योतिष शास्त्र के प्रमाणित शास्त्रीय ग्रंथो के मनन,मंथन और चिंतन के अथक प्रयास,परिश्रमसाध्य साधना के उपरांत विविध विशिष्ट ग्रहयोगों को व्यवहारिक जन्मांगों के निकष पर परख कर उनका स्पष्ट संकलन किया गया है। योग पारिजात को १.राज योग २. भाग्य योग ३. धन योग ४. अनुपम योग से शीर्षांकित किया गया है जिसके अंतर्गत ८५० प्रामाणिक,शास्त्रगर्भित तथा आचार्यानुमोदित ग्रहयोग,विविध व्यवहारिक जन्मांगों के उदाहरण सहित सन्निहित है।



Yog Parijat Bhagya Yog By Mrudula Trivedi

योग पारिजात - मृदुला त्रिवेदी

योग पारिजात में समस्त प्रसिद्ध,प्रतिष्ठित,प्रशंसित,प्राचीन ज्योतिष शास्त्र के प्रमाणित शास्त्रीय ग्रंथो के मनन,मंथन और चिंतन के अथक प्रयास,परिश्रमसाध्य साधना के उपरांत विविध विशिष्ट ग्रहयोगों को व्यवहारिक जन्मांगों के निकष पर परख कर उनका स्पष्ट संकलन किया गया है। योग पारिजात को १.राज योग २. भाग्य योग ३. धन योग ४. अनुपम योग से शीर्षांकित किया गया है जिसके अंतर्गत ८५० प्रामाणिक,शास्त्रगर्भित तथा आचार्यानुमोदित ग्रहयोग,विविध व्यवहारिक जन्मांगों के उदाहरण सहित सन्निहित है।



Yog Parijat Raj Yog By Mrudula Trivedi

योग पारिजात राज योग - मृदुला त्रिवेदी

योग पारिजात में समस्त प्रसिद्ध,प्रतिष्ठित,प्रशंसित,प्राचीन ज्योतिष शास्त्र के प्रमाणित शास्त्रीय ग्रंथो के मनन,मंथन और चिंतन के अथक प्रयास,परिश्रमसाध्य साधना के उपरांत विविध विशिष्ट ग्रहयोगों को व्यवहारिक जन्मांगों के निकष पर परख कर उनका स्पष्ट संकलन किया गया है। योग पारिजात को १.राज योग २. भाग्य योग ३. धन योग ४. अनुपम योग से शीर्षांकित किया गया है जिसके अंतर्गत ८५० प्रामाणिक,शास्त्रगर्भित तथा आचार्यानुमोदित ग्रहयोग,विविध व्यवहारिक जन्मांगों के उदाहरण सहित सन्निहित है।



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