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Varg Kundali Rahasya (Hindi Book) By Krushna Kumar



Graho Ka Rashifal Vichar by Krushna Kumar

ज्योतिष में होरा अथवा जातक का विशेष महत्व है। हमारे जीवन में घटने वाली घटनाए, शिक्षा, आजीविका, विवाह, संतान, सम्पदा, स्वास्थय सुख का विचार जन्म कुंडली से किया जाता है। ये बात विज्ञ पाठक भली-भांति जानते है।

इस पुस्तक में द्वादश ग्रहों (युरेनस, नेप्च्यून, प्लूटो सहित) का द्वादश राशियों में स्थिति, राशिस्थ ग्रह का भाव फल तथा राशिस्थ ग्रह पर अन्य ग्रहो की दृष्टि के फल पर विस्तृत रूप से विचार किया गया है। बहुधा जातक जन्म की तिथि तो जनता है किन्तु सही समय का ज्ञान न होने से लग्न निकालना तथा उसकी जन्म कुंडली बनाना असंभव प्राय जाता है। ऐसी परिस्थिति में ""ग्रह व राशि संबंध"" पर आधारित ये फलादेश सरल, सहज व उपयोगी होगा ऐसा मेरा विश्वास है।



Shadbal Rahasya (Grah Bal Bhav Bal Dasha Phal Sahit) By Krushna Kumar

षडबल रहस्य - कृष्ण कुमार


ज्योतिष का मुखय उदेशय जातक की शक्ति व् दुर्बलताओं का आकलन करते हुए संभावित अनिष्ट से उसकी रक्षा करना है। ज्योतिषगण भलीभाँति जानते हैं की सभी गृह अपने बल के अनुरूप ही अपनी दशा या भुकित में शुभ या अशुभ परिणाम दिया करते है। अंतः सही फल कथन के लिए गृह का बल तथा बालका स्त्रोत जानना आवशयक है। प्राचीन विद्वान मनीषियों ने गृह बल के छ:स्त्रोत मने है जिन्हें षडबल कहा जाता है। ये निम्न प्रकार है।

1 स्थान बल

2 दिग्बल

3 कालबल

4 चेष्टा बल

5 नैसर्गिक बल

6 दर्गबल पुन: भाव-बल जानने के लिए भावेश गृह बल,ग्रहो की दॄष्टि से प्राप्त भाव-बल तथा भाव-दिग्बल का प्रयोग होता है।



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