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Gandhi Vadh Kyon by Gopal Godse

महात्मा गांधी की हत्या करने वाला नथूराम गोडसे देश का संभवतः सबसे विवादास्पद चरित्र है। देश भी उसके इस आचरण को लेकर दो खेमों में विभाजित है। कुछ लोग उसे देशद्रोही मानते हैं, तो कुछ लोग उसे देश का सच्चा सिपाही मानते हुए उसके मंदिर तक बनवाने की पैरवी करते हैं। ऐसे में आम आदमी के मन में यह सवाल कौंधना स्वाभाविक है कि नथूराम गोडसे वास्तव में क्या था? क्या नथूराम गोडसे आतंकवादी था? क्या नथूराम गोडसे देशद्रोही था? क्या नथूराम गोडसे पेशेवर हत्यारा था? अगर नहीं, तो उसने गांधी जी की हत्या क्यों की? वह भारत-विभाजन के लिए गांधी जी को जिम्मेदार क्यों मानता था? और...क्या सचमुच गांधी जी ने मुसलमानों के तुष्टिकरण के लिए यह गुनाह कर देश की जनता को धोखा दिया था? नथूराम गोडसे का पक्ष जानने के लिए उसके भाई और गांधी जी के हत्या के ‘षड्यंत्र’ में शामिल होने के अपराध में आजीवन कारावास भुगतकर 13 अक्तूबर 1964 को मुक्त हुए गोपाल गोडसे द्वारा प्रस्तुत एक ऐतिहासिक दस्तावेज। साथ में हिन्द पाॅकेट बुक्स द्वारा सद्यः प्रकाशित प्रियंवद की विश्लेष्णात्मक पुस्तक ‘भारत विभाजन की अंतःकथा’ भी पठनीय।



Gandhi Vadh Aur Mein By Gopal Godse

गांधी वध और मैं - गोपाल गोडसे


गांधीजी की हत्या के सह-आरोपी की मनस्थिति का चित्रण खुद उसकी अपने कलम से। गांधी वध और मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के भाई और इस षड़यंत्र में शामिल तथा उसके लिए कारावास भोगने वाले गोपाल गोडसे की कलम से उनका पक्ष प्रस्तुत करने वाली पुस्तक । यह नाथूराम गोडसे की जीवनी भी है,गोपाल गोडसे की आत्मकथा भी है और साथ ही उनके संस्मरण भी।

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