दिव्‍य आभा मण्‍डल

प्राचीन ॠषि-मुनियों ने मनुष्‍य के शरीर में सात शक्ति-केंद्रों की उपस्थिति बताई है। इन शक्ति-केंद्रों से इन्‍द्रधनुषी सात रंग निकलते हैं। जो मनुष्‍य के शरीर पर एक दिव्‍य आभा-मण्‍डल का निर्माण करते हैं। इस आभा-मण्‍डल को देख मनुष्‍य की भौतिक व मानसिक स्थिति का सही ज्ञान प्राप्‍त कियका जा सकता है। आभा-मण्‍डल के रंगों को देख मानव-शरीर में निकट भविष्‍य में होने वाले विभिन्‍न रोगों का काफी समय पहले पता लगाया जा सकता है। किरलियन फोटोग्राफी द्वारा आज आभा-मण्‍डल का चित्र लेना सम्‍भव हो गया है। इस तकनीक द्वारा रोग के साथ-साथ मनुष्‍य की भौतिक बुराइयों का भी उपचार संभव है।

इस दशक की सर्वाधिक चर्चित पुस्‍तक का नाम है- लाल किताब। लाल किताब विशेष कर उन व्‍यक्तियों के लिए है जो कम-से-कम समय में, बिना कोई खर्च, बिना किसी पंडित से सलाह लिए स्‍वयं प्रयोगकर सकें। जहां यह पुस्‍तक लाल किताब की सम्‍पूर्ण जानकारी देती है वहीं मांगलिक दोष, रोग, ॠण-मुक्ति, संतान-सुख, भवन-सुख, आयु-निर्णय आदि पर विशेष उपाय लिखेगये हैं। ग्रह-दोष निवारण, ग्रहों से होने वाले रोग के लिए तुंरत प्रभावी उपाय लिखे गये हैं। इस पुस्‍तक को “सम्‍पूर्ण लाल किताब” कहा जा सकता है।

विश्‍व प्रसिद्ध ज्‍योतिषाचार्य, ख्‍यातिप्राप्‍त लोकप्रिय भविष्‍यवक्‍ता, सर्वाधिक ज्‍योतिष पुस्‍तकों के लेखक डॉ. राधाकृष्‍ण श्रीमाली द्वारा रचित यह पुस्‍तक आके लिए बहु उपयोगी सिद्ध होगी।जो पाठक वास्‍तव में सरल हिंदी भाषामें लाल किताब की खोज में थे उनके लिए यह पुस्‍तक अंति मखोज होगी।