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Dil Ki Nazar Se (Poetry) by Ravindra Jain

दिल की नज़र से - रवीन्द्र जैन

प्रसिद्ध फिल्म गीतकार और संगीतकार रवीन्द्र जैन की चुनिंदा ग़ज़लें, नज़्में और शेर.



Karmabhoomi (Hindi) by Munshi Premchand

कर्मभूमि – प्रेमचंद

प्रेमचन्द का कर्मभूमि उपन्यास एक राजनीतिक उपन्यास है जिसमें विभिन्न राजनीतिक समस्याओं को कुछ परिवारों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ये परिवार यद्यपि अपनी पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे हैं तथापि तत्कालीन राजनीतिक आन्दोलन में भाग ले रहे हैं। उपन्यास का कथानक काशी और उसके आस-पास के गाँवों से संबंधित है। आन्दोलन दोनों ही जगह होता है और दोनों का उद्देश्य क्रान्ति है। किन्तु यह क्रान्ति गाँधी जी के सत्याग्रह से प्रभावित है। गाँधीजी का कहना था कि जेलों को इतना भर देना चाहिए कि उनमें जगह न रहे और इस प्रकार शक्ति और अहिंसा से अंग्रेज सरकार पराजित हो जाए।

इस उपन्यास की मूल समस्या यही है। उपन्यास के सभी पात्र जेलों में ठूस दिए जाते हैं। इस तरह प्रेमचन्द क्रान्ति के व्यापक पक्ष का चित्रण करते हुए तत्कालीन सभी राजनीतिक एवं सामाजिक समस्याओं को कथानक से जोड़ देते हैं। निर्धनों के मकान की समस्या, अछूतोद्धार की समस्या, अछूतों के मन्दिर में प्रवेश की समस्या, भारतीय नारियों की मर्यादा और सतीत्व की रक्षा की समस्या, ब्रिटिश साम्राज्य के दमन चक्र से उत्पन्न समस्याएँ, भारतीय समाज में व्याप्त धार्मिक पाखण्ड की समस्या पुनर्जागरण और नवीन चेतना के समाज में संचरण की समस्या, राष्ट्र के लिए आन्दोलन करने वालों की पारिवारिक समस्याएँ आदि इस उपन्यास में बड़े यथार्थवादी तरीके से व्यक्त हुई हैं।

प्रेमचन्द की रचना कौशल इस तथ्य में है कि उन्होंने इन समस्याओं का चित्रण सत्यानुभूति से प्रेरित होकर किया है कि उपन्यास पढ़ते समय तत्कालीन राष्ट्रीय सत्याग्रह आन्दोलन पाठक की आँखों के समक्ष सजीव हो जाता हैं। छात्रों तथा घटनाओं की बहुलता के बावजूद उपन्यास न कहीं बोझिल होता है न कहीं नीरस। प्रेमचन्द हर पात्र और घटना की डोर अपने हाथ में रखते हैं इसलिए कहीं शिथिलता नहीं आने देते। आदर्शोन्मुख यथार्थवाद से ओतप्रोत कर्मभूमि उपन्यास प्रेमचन्द की एक प्रौढ़ रचना है जो हर तरह से प्रभावशाली बन पड़ी है।



Kautilyas Arthashastra (Telugu Edition)

Kautilya, also known as Chanakya, is Indias most illustrious political economist of all time. He regarded economic activity as the driving force behind the functioning of any political dispensation. In fact, he went to the extent of saying that revenue should take priority over the army because sustaining the army was possible out of a well-managed revenue system.

Kautilya advocated limiting the taxation power of the State, having low rates of taxation, maintaining a gradual increase in taxation and most importantly devising a tax structure that ensured compliance. He strongly encouraged foreign trade, basing it on the premise that for a successful trade contract to be established, it had to be beneficial to all. He emphasized State control and investment in land, water and mining.

Kautilya was a true statesman who bridged the gap between experience and vision. For Kautilya, good governance was paramount. He suggested built-in checks and balances in systems and procedures for the containment of malpractices. Many postulates of Kautilyas philosophy of political economy are applicable to contemporary times.



Yaun Manovigyan (Hindi Translation of Psychology of Sex) by Havelock Ellis

यौन मनोविज्ञान - हैवलॉक एलिस

इस ग्रंथ की गणना बीसवीं शताब्दी के क्लॉसिक ग्रंथों मे की जाती है - जिन्होंने मनुष्य के जीवन और धारणाओं को गहराई से प्रभावित किया।

मनोविज्ञान में यौन भावनाओं के प्रभाव का विचार यद्यपि पहले-पहल फ्रायड ने दिया था परंतु इस विषय पर व्यापक अध्ययन और लेखन हैवलाक एलिस ने किया। अनेक खण्डों में प्रकाशित उनके अध्ययन दुनिया भर में फैले और पढ़े गये और उन सबका सार-संक्षेप उन्होंने ‘दि साइकॉलॉजी ऑफ सैक्स’ नामक ग्रंथ में किया जिसका अनुवाद दुनिया भर की बहुत-सी भाषाओं में प्रकाशित हुए।

हिन्दी में इस ग्रंथ का अनुवाद प्रसिद्ध लेखक और संपादक तथा स्वयं यौन शिक्षा के समर्थक, मन्मथनाथ गुप्त ने बड़ी लगन और योग्यता से सम्पन्न किया है। यह मूल ग्रंथ के ही समान धाराप्रवाह और स्पष्ट है और पाठकों ने इसे बहुत पसंद किया है।



Yaun Manovigyan (Hindi Translation of Psychology of Sex) by Havelock Ellis

यौन मनोविज्ञान - हैवलॉक एलिस

इस ग्रंथ की गणना बीसवीं शताब्दी के क्लॉसिक ग्रंथों मे की जाती है - जिन्होंने मनुष्य के जीवन और धारणाओं को गहराई से प्रभावित किया।

मनोविज्ञान में यौन भावनाओं के प्रभाव का विचार यद्यपि पहले-पहल फ्रायड ने दिया था परंतु इस विषय पर व्यापक अध्ययन और लेखन हैवलाक एलिस ने किया। अनेक खण्डों में प्रकाशित उनके अध्ययन दुनिया भर में फैले और पढ़े गये और उन सबका सार-संक्षेप उन्होंने ‘दि साइकॉलॉजी ऑफ सैक्स’ नामक ग्रंथ में किया जिसका अनुवाद दुनिया भर की बहुत-सी भाषाओं में प्रकाशित हुए।

हिन्दी में इस ग्रंथ का अनुवाद प्रसिद्ध लेखक और संपादक तथा स्वयं यौन शिक्षा के समर्थक, मन्मथनाथ गुप्त ने बड़ी लगन और योग्यता से सम्पन्न किया है। यह मूल ग्रंथ के ही समान धाराप्रवाह और स्पष्ट है और पाठकों ने इसे बहुत पसंद किया है।



Success (Telugu Edition) by John C Maxwell

THE BOTTOM LINE ON SUCCESS Most of us are eager to achieve success in life. But are we really sure what actions yield true, lasting success? Do you KNOW that youre taking steps in the right direction?

Success is different for every person. But the principles for the journey dont change. In Success, John Maxwell distills success down to its essential components. In this short and easy-to-read volume, he shows you exactly what success looks like. He also offers specific steps you can take and ways you can overcome obstacles that might otherwise keep you from achieving success.

SUCCESS BREEDS SUCCESS IN YOU, IN THOSE CLOSEST TO YOU, AND IN EVERYONE YOU LEAD.



The Little Prince (Tamil Translation of Le Petit Prince) by Antoine de Saint-Exupéry

The Little Prince, a classic children’s tale by Antoine de Saint-Exupery, is the story of a tiny, charming Prince from another planet, and his journey across the universe.

குழந்தைகள் முதல் பெரியவர்கள்வரை எல்லோரும் விரும்பிப் படிக்கும் ‘குட்டி இளவரசன்’ ஏறக்குறைய 200 மொழிகளில் மொழிபெயர்க்கப்பட்டு, கிட்டத்தட்ட பத்து கோடி பிரதிகள் விற்பனையாகியிருக்கிறது.

நூலிலிருந்து:

“பெரியவர்கள் ஒருபோதும் எதையும் தாங்களாகவே புரிந்துகொள்வதில்லை. எப்போதும் ஓயாமல் அவர்களுக்கு விளக்கங்களைத் தருவது குழந்தைகளுக்குச் சலிப்பாக இருக்கிறது.”

“இதயத்திற்குத்தான் பார்வை உண்டு. முக்கியமானது கண்களுக்குத் தென்படாது.”
“உன்னுடைய ரோஜாவுக்கு நீ செலவழித்த நேரந்தான் ரோஜாவை உனக்கு அவ்வளவு முக்கியமானதாகச் செய்கிறது.”



Successful Time Management (Telugu Edition) by Frank Atkinson

Do you often wonder where your time went? Are you stressed about having too much to do? Join the club: today it is harder than ever to get everything done, with emails and mobile communication leading to greater pressure to respond immediately.

Proactive time management that understands today?s world is essential if you want to cope. This book offers simple rules you can apply easily and instantly to your own life. First take control, then be amazed by how much you can get done.

TAKE CONTROL AND THRIVE

This book will help you:
 
? Manage your emails and phone calls
? Get more jobs done every day
? Effectively delegate and manage your workload
? Deal with disruptions in open plan offices



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